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किसान आंदोलन, हिमाचल में ट्रेनों की रोकी रफ्तार

                        किसान आंदोलन ने हिमाचल प्रदेश में तीन ट्रेनों की रफ्तार रोकी

ऊना , ब्यूरो रिपोर्ट 

गुरुवार को दो पेसेंजर ट्रेनों (हिमाचल एक्सप्रेस भी) के पहिये थम गए। किसान आंदोलन के दौरान राजपुरा, सरहिंद होकर जाने वाली हिमाचल एक्सप्रेस के अलावा ऊना से हरिद्वार और अंबाला के लिए ट्रेनें नहीं चलीं। 


शुक्रवार को ट्रेनों का संचालन भी संशयपूर्ण है। अगली सूचना तक, रेलवे बोर्ड के अधिकारी इस मामले में स्थिति को स्पष्ट करेंगे। दिल्ली से ऊना तक हिमाचल एक्सप्रेस नहीं पहुंची। दिल्ली से रात 10:50 बजे हिमाचल एक्सप्रेस चलता है। 


सुबह 6:40 बजे अंबाला से चलने वाली ट्रेन ऊना पहुंचती है और 7:35 बजे दौलतपुर चौक पहुंचती है, जो लगभग आठ घंटे की दूरी है। ऊना से हरिद्वार की ट्रेन 2:10 बजे ऊना से निकलती है, 5:40 बजे अंबाला, 7:20 बजे सहारनपुर और 9:10 बजे हरिद्वार पहुंचती है। 


पैसेंजर ट्रेन अंब-अंदौरा से 7:25 बजे अंबाला पहुंचती है। ट्रेनों का रद्द होना यात्री को परेशान करता था। किसानों ने हरियाणा-पंजाब के बार्डर शंभू में रेलवे ट्रैक पर लगातार दो दिन बिताए। फिरोजपुर, अंबाला और बीकानेर मंडल की 133 ट्रेनें इससे प्रभावित हुईं। इस दौरान 56 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि 62 ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा। रेल पटरी जाम होने से हरियाणा से पंजाब और जम्मू-कश्मीर जाने वाली ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। 


पंजाब और जम्मू-कश्मीर जाने वाले वाहनों को चंडीगढ़ से निकाला गया।  किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले चेतावनी दी कि अगर हरियाणा सरकार ने तीनों किसानों को जल्द ही रिहा नहीं किया तो उनका आंदोलन बढ़ जाएगा। पटियाला रेंज के डीआईजी और एसएसपी ने किसानों से मुलाकात की है, लेकिन कोई समझौता नहीं होने से किसान रेल पटरियों पर खड़े रहे हैं। किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक नवदीप सिंह सहित अनीश खटकड़ और गुरकीरत सिंह को रिहा नहीं किया जाता।  

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