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एक तरफ गर्मी का प्रकोप तो दूसरी तरफ फसल की बर्बादी

                         हरी सब्जियों और मक्की की फसल पर कीड़े की मार, पत्तों को निगल रही सुंडी

ऊना,ब्यूरो रिपोर्ट 

बारिश के बिना गर्म मौसम की मार झेल रही हरी सब्जियों और मक्की की खेती पर अब सुंडी ने हमला कर दिया है। कई खेतों में बैंगन, फ्रासबीन, मक्की के पत्तों को कीड़ा लग गया है। इससे बचाव के लिए किसानों के कीटनाशकों का छिड़काव भी किया है। मगर तेज धूप और गर्मी के बीच फसलों को कीड़े से बचाना बड़ी चुनौती बन गया है।जानकारी के अनुसार ऊना जिला में बड़े स्तर पर मक्की की अगेती खेती होती है। 

यह मक्की बरसात से पहले तैयार होती है, लेकिन इसके लिए सिंचाई होना बेहद जरूरी है। जिले के मैदान इलाकों में सिंचाई सुविधा है और किसान अगेती मक्की और हरी सब्जियों की खेती कर अच्छी आय हासिल करने की कोशिश करते हैं।हालांकि मौसम की विपरीत परिस्थितियों और कीड़े की मार पड़ने पर बड़े नुकसान का डर भी रहता है। वर्तमान में जिले में करीब 2000 हेक्टेयर जमीन पर मक्की की खेती हो रही है। वहीं, लगभग 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में हरी सब्जियां उगाई गई हैं। किसानों में विनोद कुमार, राजेश, रविंद्र, अंशुल, मदन लाल का कहना है कि मौसम की वर्तमान स्थिति कृषि के लायक बिल्कुल भी नहीं है।

बड़े क्षेत्र में मक्की के लिए सिंचाई का पानी पूरा नहीं हो रहा। किसान बड़े खेतों में एक बार सिंचाई पूरी नहीं कर पाते, कि दूसरी बारी सिंचाई की आवश्यकता पड़ जाती है। इस बीच अब सुंडी ने फसलों पर हमला कर दिया है। कीड़ा पत्तों और फूलों में घुसकर फसल को तबाह कर रहा है। कीटनाशक दवाओं का भी छिड़काव किया है, लेकिन गर्मी से भी फसल प्रभावित हो रही है।जिले में हरी सब्जियों और अगेती मक्की की अच्छी फसल तैयार होती है। इन दिनों कई जगह फसलों पर कीड़े की मार का मामला ध्यान में आया है। कृषि विभाग की टीमें लगातार समस्या को लेकर खेतों में जाकर निरीक्षण कर रही हैं। किसान भी अपनी परेशानी समय रहते विभाग को बताएं, ताकि उसका सुनियोजित तरीके से हल निकाला जा सके।




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