रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर जोर, बोर्ड को अपडेट करने होंगे कोर्स
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों की ग्रेडिंग की जाएगी। सरकारी और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में व्याप्त सुविधाओं के आधार पर ग्रेड दिए जाएंगे। इसी आधार पर बजट का भी आवंटन होगा। छात्राओं के लिए विशेष छात्रव़ृत्ति योजना भी शुरू की जाएगी। वीरवार को राज्य सचिवालय में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया !
मंत्री ने तकनीकी शिक्षा बोर्ड को बाजार की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोजगार क्षमता बढ़ाने और युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत इंडस्ट्री लिंकेज और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। तकनीकी शिक्षण संस्थानों में हैकाथॉन और स्किल प्रतियोगिताएं आयोजित करवाने को भी कहा।उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दे रही है। प्रदेश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में बागवानी, प्राकृतिक खेती और डेयरी तकनीक से संबंधित नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बायोफार्मा क्षेत्र में नवाचार की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत इस क्षेत्र का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने तकनीकी शिक्षा बोर्ड को बाजार की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोजगार क्षमता बढ़ाने और युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत इंडस्ट्री लिंकेज और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके साथ लड़कियों के लिए विशेष रूप से नई स्कॉलरशिप योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारी और निजी तकनीकी शिक्षा संस्थानों में हैकाथॉन और स्किल प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जा रहा है। इस प्रकार के आयोजनों से युवा अपने हुनर को प्रदर्शित कर पा रहे हैं।
प्रदेश के सरकारी और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक संस्थानों की ग्रेडिंग की जा रही है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें उद्योग उन्मुख, आधुनिक और भविष्योन्मुखी कौशलों में सशक्त बनाना है। सरकार युवाओं के नवाचारों को साकार रूप प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास कर रही है। इस दिशा में अत्याधुनिक पहलों को शुरू करने के लिए दो करोड़ रुपये के इनोवेशन फंड से युवाओं के नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल से राज्य में स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवा नवीन विचारों और उर्जा से परिपूर्ण है। युवाओं को उद्यमशीलता की ओर आकर्षित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों की मांग और वैश्विक मानकों के अनुरूप भविष्योन्मुखी तकनीकी शिक्षा प्रणाली का विकास किया जा रहा है। उभरती प्रौद्योगिकियों और बदलते वैश्विक रोजगार बाजार को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के डिजिटल कौशल का विकास कर उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा। बैठक में विशेष सचिव सुनील शर्मा, निदेशक अक्षय सूद सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।धर्माणी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के पाठ्यक्रमों में प्रदेश के सफल उद्यमियों की सफलता की कहानियों को शामिल किया जाएगा। इससे युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। धर्माणी ने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दे रही है। प्रदेश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में बागवानी, प्राकृतिक खेती और डेयरी तकनीक से संबंधित नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। बायो फार्मा क्षेत्र में नवाचार की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत इस क्षेत्र का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।मंत्री ने कहा कि हिमुडा द्वारा तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे युवाओं की स्किल ट्रेनिंग के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उद्योग विभाग के रिसोर्स पर्सन युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे। शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रमों में एआई संबंधित कार्यक्रमों का समावेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से ग्रीवांस पोर्टल भी शुरू किया गया है।


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