मादक पदार्थ रखने के मामले में जुर्माना भी लगाया गया।
काँगड़ा,ब्यूरो रिपोर्ट
चिट्टा बरामदगी के एक मामले में अदालत ने महिला आरोपी को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पारिवारिक न्यायालय धर्मशाला के विशेष न्यायाधीश-सह-प्रधान न्यायाधीश डॉ. अरविंद मल्होत्रा की अदालत ने दोषी महिला काजल निवासी छन्नी पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत दोषी ठहराया।
मामला 7 अक्तूबर 2020 का है। पुलिस थाना डमटाल की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान इंदौरा मोड़ के पास एक महिला पुलिस वाहन को देखकर घबरा गई और हाथ में पकड़ा पैकेट झाड़ियों में फेंक दिया। महिला की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उसे रोका और मौके पर स्थानीय लोगों को गवाह बनाया। तलाशी के दौरान झाड़ियों से बरामद पॉलीथिन में 51.51 ग्राम चिट्टा पाया गया। पुलिस ने मौके पर ही बरामद पदार्थ को कब्जे में लेकर सील किया और आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने बरामदगी, तलाशी प्रक्रिया और गवाहों के बयानों में विरोधाभास होने की दलील दी। हालांकि अदालत ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि गवाहों के बयानों में मामूली अंतर स्वाभाविक हैं और इससे मामले के मुख्य तथ्यों पर कोई असर नहीं पड़ता। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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