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देव भूमि हिमाचल में धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की आवश्यकता

                                    धार्मिक पर्यटन सर्किट से हिमाचल को मिल सकती नई पहचान

शिमला,रिपोर्ट नवीन शर्मा 

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज ‘देव भूमि’ हिमाचल प्रदेश में एक समर्पित धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस सर्किट के माध्यम से प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों, शक्तिपीठों, मठों और धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़क, आधुनिक सुविधाओं और मजबूत संपर्क व्यवस्था से जोड़ा जाना चाहिए। इससे न केवल प्रदेश की धार्मिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत का संरक्षण भी होगा।

राज्यपाल ने यह बात आज कांगड़ा जिले स्थित मां ज्वाला देवी जी मंदिर में शीश नवाने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कही। इस अवसर पर लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी उनके साथ उपस्थित रहीं।राज्यपाल ने मां ज्वाला देवी जी से प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मां ज्वाला देवी जी, मां ब्रिजेश्वरी देवी जी, मां चिंतपूर्णी जी, मां नैना देवी जी, मां चामुंडा देवी जी सहित अनेक प्राचीन मंदिर और मठ स्थित हैं, जो विश्वभर में श्रद्धा के केंद्र हैं। 

इन सभी धार्मिक स्थलों को एक व्यापक धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन हिमाचल की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत आधार बन सकता है। राज्यपाल ने प्रदेश सरकार, पर्यटन और अन्य संबंधित विभागों से मिलकर श्रद्धालुओं के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने का आह्वान किया, साथ ही धार्मिक स्थलों की पवित्रता और आध्यात्मिक वातावरण को बनाए रखने पर भी बल दिया।राज्यपाल ने मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना भी की।

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