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नदी से 500 मीटर और नालों से 200 मीटर के भीतर बने मकान खाली कराने के निर्देश

                                      500 मीटर नदी और 200 मीटर नालों के दायरे में बने घर होंगे खाली

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए, राज्य सरकार ने नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं कि नदी से 500 मीटर और नालों से 200 मीटर की दूरी के भीतर स्थित संवेदनशील मकानों को तत्काल खाली करवाया जाए। इस कदम का उद्देश्य संभावित बाढ़, भूस्खलन और अचानक आने वाले तेज बहाव से लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। 

पिछली बरसात से मिले सबक के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है।सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं और उन्हें आवश्यक राहत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। जिन लोगों को अपने घर छोड़ने पड़ेंगे, उनके लिए अस्थायी आश्रय के रूप में तिरपाल और जरूरत के अनुसार राहत शिविर स्थापित किए जाएंगे। इन शिविरों में भोजन, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया की निगरानी के लिए, प्रत्येक उपमंडल में एसडीएम की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। इस समिति में राजस्व, लोक निर्माण, जल शक्ति, पुलिस और पंचायत विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का जोखिम न लें और जारी किए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। जिन क्षेत्रों में खतरे की आशंका अधिक है, वहां के निवासियों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की सलाह दी गई है। 

अधिकारियों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और मौसम विभाग की चेतावनियों के आधार पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने और मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश के रेड अलर्ट जारी किए जाने के बीच, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग व प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश जारी है और अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। उन्होंने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों, भूस्खलन प्रभावित और संभावित क्षेत्रों से दूर रहने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि किसी भी जोखिम को हल्के में न लें और अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार हर स्थिति पर नजर रखे हुए है और सहायता के लिए सभी संबंधित विभागों की टीमें मुस्तैद हैं। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है। यह कदम मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने और जान-माल की हानि को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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