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पांच हजार से अधिक हेक्टेयर पर मंडाराया फसलें नष्ट होने का खतरा

                            बारिश न होने से टमाटर, शिमला मिर्च समेत अन्य सब्जियां सूखे की चपेट में

सोलन,ब्यूरो रिपोर्ट 

बारिश न होने से टमाटर-शिमला सहित अन्य सब्जियां सूखे की चपेट में आ गई हैं। तेज धूप से शिमला मिर्च और टमाटर पूरी तरह से मुरझाना शुरू हो गए हैं। हालांकि, पिछले एक सप्ताह से जिला में मौसम खराब चल रहा है। इस बीच कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई है, वहीं कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से भी किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है। 

बढ़ते तापमान से सब्जियां सूखकर नष्ट होने लग गई हैं। इसमें सबसे अधिक नुकसान टमाटर और शिमला मिर्च को पहुंच रहा है। जिला में 8100 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती होती है। 90 प्रतिशत किसानों की आय का मुख्य साधन टमाटर ही है। जिले के 65 प्रतिशत किसान बारिश पर ही निर्भर है। बारिश न होने से संबंधित क्षेत्रों के किसान फसलें तबाह होने की संभावना को देखकर मायूस हो गए हैं। सिंचाई वाले क्षेत्रों में भी रोजाना पौधों की सिंचाई करनी पड़ रही है। तेज धूप से एक दिन में ही खेतों की नमी भी सूख रही है।

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इस कारण इन क्षेत्रों में भी फसलें मुरझाना शुरू हो गई हैं। किसानों की माने तो तेज धूप के साथ टमाटर के पौधों को बीमारियों ने भी जकड़ लिया है। पौधों का तना काला पड़ने के बाद नष्ट हो रहा है।जिले में 8100 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती होती है। 65 फीसदी क्षेत्रों के किसान बारिश के इंतजार में है। इसमें टमाटर, शिमला मिर्च समेत अन्य सब्जियों को अधिक नुकसान पहुंच रहा है। शिमला मिर्च के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है। समय पर बारिश न हुई तो फसलें सूख जाएगी। हालांकि, कई क्षेत्रों में पिछले दो दिनों में बूंदा-बांदी हुई है। लेकिन यह फसलों के लिए नाकाफी है।





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