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सितंबर तक उगाई जा सकती है टमाटर की फसल

                                                एक बीघा में 30-35 क्विंटल टमाटर हो सकते हैं तैयार

बिलासपुर,ब्यूरो रिपोर्ट 

जिले में किसान सितंबर तक टमाटर की फसल उगा सकते हैं। टमाटर की अच्छी फसल के लिए सही प्रबंधन, प्रमाणित बीज व संतुलित खाद का किसान प्रयोग करें। जिले में करीब चार हजार हेक्टेयर में सब्जियों की खेती होती है। इसमें काफी क्षेत्र में किसान टमाटर को नकदी फसल के रूप में उगाते हैं।सब्जी विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार किसान एक बीघा में 30-35 क्विंटल टमाटर की फसल ले सकते हैं।

 इसके लिए सबसे पहले खेत में हल चलाकर उसमें अनुमोदित गोबर की सड़ी-गली खाद व एनपी को मिलाएं। इसके बाद खेत में पानी की निकासी का प्रबंध करें। टमाटर के पौधों की लाइन से लाइन की दूरी 2-3 फुट व पौधे से पौधे की दूरी 1-2 फुट रखें। बिलासपुर में टमाटर की अर्का रक्षक, पालम प्राइड, पालम पिंक, पूसा सदाबहार किस्मों की सिफारिश की गई है। इनमें अर्का रक्षक में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक है। इस कारण इसमें पत्ते सिकुड़ना, झुलसा रोग आदि लगने की संभावना कम होती है। 

खेत में जल निकासी का सही प्रबंधन रखें। क्योंकि खेत में जल निकासी न होने के कारण बहुत सी बीमारियां आ जाती हैं। अगर पौधों में बीमारियों से सही देखभाल की जाए तो एक टमाटर का पौधा औसतन 10 से 12 किलोग्राम फल देता है। जिले में टमाटर उगाने के लिए 25 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है। फलों में फल छेदक कीड़ा लगने से बचाने के लिए फूल आने पर प्रोफेनोफॉस दवाई का छिड़काव करें। धब्बा रोग, बैक्टीरियल विल्ट आदि के बचाव के लिए रिडोमिल दवाई का छिड़काव करें। फूलों पर काले धब्बे के बचाव के लिए साइपरमेथ्रिन का छिड़काव करें। खेतों में कीड़े व बीमारियों का प्रकोप बारिश के समय ज्यादा होता है। किसी भी दवाई का छिड़काव करने से पहले कृषि विशेषज्ञ की सलाह लें।





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